
राजकुमार / हरिद्वार। कुंभ मेला अधिकारी सोनिका नें कहा है कि धार्मिक मान्यताओं के साथ धर्मनगरी की दिव्यता, भव्यता और सुंदरता को ध्यान में रखते हुए 709.23 करोड़ रुपये की 126 परियोजनाओं ने रफ्तार पकड़ ली है। कुंभ क्षेत्र के 32 सेक्टरों में विकास का सबसे बड़ा अभियान जमीन पर दिखाई देने लगा है। सड़क-पुल से लेकर घाट, पार्किंग, बिजली-पानी और यातायात तक—कुंभ की भीड़ संभालने के लिए शहर के बुनियादी ढांचे को नए सिरे से मजबूत किया जा रहा है। बारिश थमते ही निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर दौड़ाने की तैयारी है।
मेलाधिकारी सोनिका ने मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्पष्ट किया कि कुंभ से जुड़े सभी प्रमुख कार्य तय टाइमलाइन के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं और समय पर पूरे किए जाएंगे। प्रशासन का जोर अब सिर्फ योजनाओं की घोषणा पर नहीं, बल्कि धरातल पर काम की रफ्तार और गुणवत्ता पर है।
पांच बड़े पुलों सहित महत्वपूर्ण अवस्थापना परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। प्रमुख सड़कों के सुदृढ़ीकरण, आंतरिक गलियों के सुधार, फुटपाथ और घाटों के विकास के साथ श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने पर विशेष जोर है।
मेला क्षेत्र के सभी 32 सेक्टरों में अस्थायी व्यवस्थाओं के लिए ड्रेसिंग और लेवलिंग शुरू हो चुकी है। वर्षाकाल के बाद बिजली, पानी, सड़क, प्रकाश, पार्किंग और स्वच्छता के कामों में तेजी लाई जाएगी।
इस अवसर पर अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती, उप मेलाधिकारी सरदार मंजीत सिंह के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।
ग्रीन कुंभ’ की दिशा में भी बढ़े कदम
जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता और स्वच्छता को तैयारियों का अहम हिस्सा बनाया गया है।
अब नजर इस बात पर है कि 709 करोड़ की यह बड़ी कवायद कुंभ से पहले हरिद्वार की सूरत कितनी बदल पाती है।
