
शिवराज यादव / हरिद्वार। कनखल स्थित निर्मल संतपुरा आश्रम के परमाध्यक्ष संत जगजीत सिंह शास्त्री की माता राम कौर धर्मपत्नी ओंकार सिंह की अस्थियां पूरे विधि विधान से सती घाट गंगा में विसर्जित की गई। माता राम कौर का चार दिन पूर्व जालंधर में स्वर्गवास हो गया था।
इस दौरान निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे और तीजी पातशाही गुरु अमरदास गुरुद्वारे में संतों, स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्धांजलि देकर अरदास की गई। इस अवसर पर युवा भारत साधु समाज के महामंत्री स्वामी रवि देव शास्त्री ने कहा कि प्रभु के आगे किसी का वश नहीं चलता। जिसका जितना संसार में वास लिखा है वह उतना ही रहेगा। सभी को दूसरों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभु इच्छा बिना संसार में कुछ नहीं होता।
संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि सदैव प्रभु सिमरन में मन लगाएं। जन्म मृत्यु परमात्मा के हाथ में है। जो अच्छे कार्य करता है परमात्मा उसे अपने चरणों में स्थान देते हैं।
इस अवसर पर संत मनजीत सिंह, संत तरलोचन सिंह, संत बलजिंदर सिंह शास्त्री, बाबा तीरथ सिंह, बाबा सोहन सिंह, स्वामी दिनेश दास, स्वामी सुतीक्ष्ण मुनि, स्वामी गोविंद दास, संत गुरमीत सिंह, हर्षवर्धन सिंह, मनदीप सिंह, संत गुरमाल सिंह, साध्वी तृप्ता, साध्वी सुखजीत, माता सच्चिदानंद, वीरेंद्र सिंह, बलजीत सिंह, हनी कालरा, गिन्नी, ज्ञानी पंकज सिंह, दयाल सिंह, कुलदीप सिंह, अपनिंदर कौर, सरबजीत कौर, नैनी महेन्द्रू, प्रेम सिंह, सिमरनजीत कौर, हरविंदर सिंह, जगतार सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, इंद्रजीत सिंह, महिपाल सिंह आदि उपस्थित रहे ।
