
राजकुमार / हरिद्वार। सावन में कांवड़ मेले के बाद अब हरिद्वार की हरकी पैड़ी एक बार फिर श्रद्धा और भक्ति के जयघोष से गूंजने को तैयार है। हर-हर महादेव के बाद 23 अगस्त को ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष से हरकी पैड़ी का वातावरण भक्तिमय होगा। अवसर होगा 116वें श्री मुलतान जोत महोत्सव का, जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर मां गंगा को जोत अर्पित करेंगे।
मुलतान की धरती से वर्ष 1911 में शुरू हुई यह परंपरा आज 116 वर्ष बाद भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। महोत्सव के दौरान गंगा पूजन, जोत अर्पण, दूध की होली, भव्य शोभायात्रा, सुंदरकांड पाठ सहित अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अखिल भारतीय मुल्तान युवा संगठन के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. महेंद्र नागपाल ने बताया कि भक्त रूपचंद ने वर्ष 1911 में समाज में भाईचारे, शांति और सद्भाव की कामना को लेकर मुलतान से हरिद्वार तक पदयात्रा की थी। हरिद्वार पहुंचकर उन्होंने मां गंगा को पहली बार जोत अर्पित की थी। तभी से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है।
उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के बाद देशभर से मुलतानी समाज के लोग हरिद्वार पहुंचते हैं और मां गंगा को जोत अर्पित कर सुख-शांति, समृद्धि एवं सामाजिक एकता की कामना करते हैं। इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
महोत्सव में असम के पूर्व राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ, वीरेंद्र सचदेवा, सांसद बांसुरी स्वराज, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक सहित अनेक विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। फिल्म एवं टीवी कलाकार अमर वाल्मीकि और धुरंधर फिल्म के कलाकार शेख रईस करीम भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
हरकी पैड़ी पर जब एक साथ हजारों कंठों से ‘हर-हर गंगे’ का जयघोष गूंजेगा और गंगा की लहरों के बीच जोत अर्पित होगी, तो 116 वर्ष पुरानी मुलतान की यह आस्था एक बार फिर हरिद्वार की धरती पर जीवंत होती दिखाई देगी।
पत्रकारवार्ता में संगठन के उपाध्यक्ष सुरेंद्र आहूजा, कोषाध्यक्ष सतपाल अरोड़ा सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
