
राजकुमार / हरिद्वार। उत्तराखंड की संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस लाइन रोशनाबाद में प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट कांस्टेबलों के लिए विशेष आपदा राहत एवं बचाव प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह के प्रयासों से आयोजित इस कार्यशाला में 15वीं बटालियन एनडीआरएफ की टीम ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान एनडीआरएफ विशेषज्ञों ने रिक्रूट कांस्टेबलों को आपदा के समय प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच बनाने, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने, राहत सामग्री पहुंचाने तथा प्राथमिक उपचार प्रदान करने की व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षुओं को विभिन्न प्रकार के रेस्क्यू ऑपरेशन की बारीकियों से भी अवगत कराया गया।
एनडीआरएफ टीम ने आपदा राहत कार्यों में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों के संचालन की जानकारी देते हुए उनके उपयोग की विधि समझाई। साथ ही उपकरणों में तकनीकी समस्या आने पर तत्काल समाधान के उपाय भी बताए गए। प्रशिक्षण के दौरान रिक्रूट कांस्टेबलों ने उपकरणों का व्यावहारिक अभ्यास कर आपदा प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड का अधिकांश क्षेत्र पर्वतीय और प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में भविष्य में पुलिस की जिम्मेदारी संभालने जा रहे जवानों के लिए नियमित पुलिस प्रशिक्षण के साथ आपदा राहत एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण भी अत्यंत आवश्यक और उपयोगी है।
कार्यशाला के माध्यम से रिक्रूट कांस्टेबलों को आपदा की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने और आमजन की सहायता करने के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने भी इस कार्यशाला को ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताते हुए भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
