
राजकुमार / उत्तराखण्ड / देहरादून। उत्तराखंड के चिकित्सा जगत के लिए गौरव का क्षण है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के इतिहास में पहली बार उत्तराखंड से किसी चिकित्सक को राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व मिला है। उत्तराखंड आईएमए के लंबे समय तक सचिव रहे डॉ. डी.डी. चौधरी को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है।
डॉ. चौधरी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर उत्तराखंड आईएमए, प्रदेश के चिकित्सकों और पूरे चिकित्सा समुदाय में खुशी की लहर है। इसे उत्तराखंड के चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. डी.डी. चौधरी उत्तराखंड आईएमए से लंबे समय से जुड़े रहे हैं और उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक प्रदेश सचिव के रूप में संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संगठनात्मक गतिविधियों, चिकित्सकों के हितों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनकी सक्रियता के चलते उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
यह उपलब्धि केवल डॉ. चौधरी की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की चिकित्सा बिरादरी के लिए सम्मान की बात है।
चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उम्मीद जताई कि डॉ. चौधरी अपने अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का उपयोग करते हुए देशभर के चिकित्सकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से राष्ट्रीय मंच पर उठाएंगे। चिकित्सकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा शिक्षा और डॉक्टरों से जुड़े विभिन्न नीतिगत मुद्दों पर उनके नेतृत्व में आईएमए को नई दिशा मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
डॉ. चौधरी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की खबर के बाद उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने उन्हें बधाई दी। चिकित्सकों ने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि लंबे समय से संगठन में सक्रिय योगदान देने वाले उत्तराखंड के एक चिकित्सक को देश के सबसे बड़े चिकित्सक संगठन की कमान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
आईएमए उत्तराखंड के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पहली बार प्रदेश से कोई चिकित्सक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक पहुंचा है। डॉ. चौधरी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से उत्तराखंड की चिकित्सा बिरादरी की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
