
शिवराज यादव / हरिद्वार / रानीपुर। ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका से दुष्कर्म और उसकी हत्या का प्रयास करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के बाद उसे नशीला पदार्थ खिलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद जान से मारने की नीयत से बालिका के साथ मारपीट कर उसे बीएचईएल के जंगल में घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गया था।
पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को कोतवाली रानीपुर क्षेत्र के सेक्टर-4 केंद्रीय विद्यालय बीएचईएल के पास स्थित जंगल और झाड़ियों से एक नाबालिग बालिका घायल अवस्था में बरामद हुई थी। पुलिस ने तत्काल बालिका को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। बालिका की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल से उसे एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर किया गया। इसके बाद पुलिस ने बालिका के परिजनों की जानकारी जुटाई और उन्हें अस्पताल बुलाया।
घायल बालिका ने अपने परिजनों और पुलिस को बताया कि 3 अगस्त 2026 को शेखर नामक युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोप है कि युवक ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया तथा जान से मारने की नीयत से उसके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपी उसे बीएचईएल के जंगल में घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर 4 अगस्त 2026 को कोतवाली रानीपुर में मुकदमा अपराध संख्या 275/26 दर्ज किया गया। एसएसपी हरिद्वार के निर्देशन और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रानीपुर मनोहर सिंह भंडारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने नाबालिग पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ ही घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपी की सुरागरसी एवं पतारसी शुरू की।
काफी प्रयासों के बाद रानीपुर पुलिस ने 8 अगस्त 2026 को पुराने पथरी पावर हाउस के पास से आरोपी शेखर उर्फ सनोज पुत्र यशपाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ग्राम मिलक जहांगीराबाद, थाना धामपुर, जनपद बिजनौर, उत्तर प्रदेश का निवासी है और वर्तमान में ब्रह्मपुरी, थाना सिडकुल, हरिद्वार में रह रहा था। आरोपी के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी, उपनिरीक्षक संदीपा भंडारी, अपर उपनिरीक्षक सुबोध घिल्डियाल, कांस्टेबल गंभीर तोमर और कांस्टेबल प्रेम सिंह शामिल रहे।
