
हरिद्वार / पिरान कलियर। हरिद्वार पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ऑपरेशन प्रहार के तहत कोतवाली पिरान कलियर पुलिस ने नाबालिग के अपहरण के मामले का खुलासा करते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नाबालिग को सकुशल बरामद कर आवश्यक कार्रवाई के बाद संरक्षण में भेज दिया है। आरोपी पर नाबालिग को विवाह करने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को थाना पिरान कलियर क्षेत्र निवासी एक महिला ने अपनी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री के अपहरण के संबंध में रुपिन पुत्र चंद्रसिंह, निवासी ग्राम आमखेड़ी, निकट शिव मंदिर, थाना मंगलौर, जनपद सहारनपुर के खिलाफ लिखित तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर कोतवाली पिरान कलियर में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी बहादराबाद के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पिरान कलियर कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
नाबालिग की सकुशल बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण करने के साथ ही मैनुअल पुलिसिंग के जरिए लगातार सुरागरसी-पतारसी की। पुलिस के प्रयासों के फलस्वरूप 21 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर खेलड़ी तिराहे से आरोपी रुपिन को हिरासत में लिया गया और नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया। बरामद नाबालिग को जिला बाल कल्याण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद संरक्षण में भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने नाबालिग को विवाह करने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की बात बताई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम की अन्य संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, उपनिरीक्षक महिपाल सैनी, कांस्टेबल प्रदीप सिंह और महिला पीआरडी ममता शामिल रहे।
