
राजकुमार / हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के निरीक्षण के लिए गुरुवार को हरिद्वार में प्रशासन का एक ऐसा अंदाज देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के नेतृत्व में कुंभ की तैयारियों का जायजा लेने निकले प्रदेश और मेला प्रशासन के तमाम आला अधिकारी अलग-अलग सरकारी गाड़ियों के काफिले में नहीं, बल्कि एक ही अर्बेनिया टेंपो में सवार होकर निरीक्षण पर निकले। एक ही वाहन में सवार अधिकारियों की यह तस्वीर दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।
आमतौर पर बड़े अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान वाहनों का लंबा काफिला दिखाई देता है, लेकिन इस बार मुख्य सचिव ने इस परंपरा से अलग हटकर एक वाहन में पूरी टीम को साथ लेकर चलने की पहल की। इसे सरकारी संसाधनों के संयमित इस्तेमाल, मितव्ययता और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से केवल प्रगति रिपोर्ट नहीं ली, बल्कि मौके पर ही कार्यों की स्थिति को लेकर सवाल किए। निर्माण की रफ्तार, गुणवत्ता, समयसीमा और आगामी जरूरतों को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण दल में आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, मेला अधिकारी सोनिका, आईजी कुंभ डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
बैरागी कैंप में पुल की ली जानकारी
मुख्य सचिव ने बैरागी कैंप पहुंचकर प्रस्तावित पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पुल की योजना, प्रस्तावित व्यवस्था और निर्माण से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे विशाल आयोजन में यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों को समय रहते पूरा करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से कहा कि कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित समयसीमा में योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए।
