
राजकुमार / हरिद्वार। ज्ञान गोदडी गुरुद्वारे के लिए भूमि आवंटित नहीं होने से नाराज सिक्ख समाज ने प्रेमनगर पुल स्थित धरना स्थल से चंद्राचार्य चौक तक रोष यात्रा निकाली। उनका आरोप है कि शासन प्रशासन दस वर्ष से चल रहे निरंतर धरने के बाद भी गुरुद्वारे के लिए हरकी पैड़ी परिसर के पास मूल स्थान नहीं दे रहा है। इससे समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।
रोष यात्रा से पूर्व गुरुद्वारा ज्ञान गोदडी प्रबंधक कमेटी ने धरना स्थल पर गुरु नानक देव का ज्योति जोत दिवस पूरी श्रद्धा से मनाया।
रागी जत्था सिंह सभा गुरुद्वारे के भाई देशराज सिंह, भाई राज सिंह, नरेंद्र सिंह, भाई हुक्म सिंह, भाई गुरजीत सिंह, सरबजीत सिंह ने शब्द कीर्तन सुनाकर संगत को निहाल किया।
इस दौरान संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों से गुरुद्वारे की भूमि के लिए धरना दिया जा रहा है लेकिन शासन प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। धर्मनगरी में बिना अनुमति के कई भवन निर्मित हो सकते हैं लेकिन गुरुद्वारे के लिए अनुमति मांगने पर सिर्फ कोरा आश्वासन दिया जाता है।भूमि नहीं मिलने से सिक्ख समाज में बहुत रोष है। प्रतिवर्ष रोष यात्रा निकाली जाती है उसके बाद भी शासन प्रशासन आंखे मूंदे बैठा है। जब तक भूमि आवंटित नहीं होती है धरना और रोष यात्रा जारी रहेगी। समाज की धार्मिक भावनाओं को समझते हुए जल्द से जल्द मूल स्थान और अन्य स्थान आवंटित किया जाए जिससे भव्य गुरुद्वारे का निर्माण हो सके सरकार सिक्ख समाज की परीक्षा लेनी छोड़े और गुरुद्वारे के लिए मूल स्थान दे।
इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह, ज्ञानी पंकज सिंह, तरलोचन सिंह, एस मठारु, मनमोहन सिंह, जीत सिंह ढिल्लों, गुरुचरण सिंह, अमरीक सिंह भट्टी, पीएस कालरा, सुरजीत सिंह, इकबाल सिंह, जगतार सिंह, हरचरण सिंह, इंद्रजीत सिंह, सुरजीत सिंह, परमजीत कौर, करतार कौर, सुरेंद्र कौर, नैनी महेन्द्रू, सरोज ढिल्लों, ललिता डूडेजा, कला बत्रा, राजेंद्र कौर, करनजीत कौर, अमरजीत कौर, सविंदर कौर, ममता सचदेवा, अरविंदर कौर, देवेंद्र कौर, सरबजीत सिंह, सतनाम सिंह, विक्रम सिंह आदि सैकड़ों की संख्या में संगत शामिल हुई।
