
शिवराज यादव / हरिद्वार। अयोध्या में राम मंदिर में चंदा चोरी के विवाद के बाद मां मनसा देवी मंदिर में दान व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। मनसा देवी मंदिर परिसर में कमेटी के गठन की घोषणा करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि मनसा देवी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मंदिर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जएगी। मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए समिति का गठन किया गया है। समिति में मंदिर के सात पुजारियों को शामिल किया गया है। सभी पुजारी बिना जेब वाले कपड़े पहनेंगे। यदि मंदिर व्यवस्था से जुड़ा कोई भी व्यक्ति या पुजारी चढ़ावे और दान की राशि में हेरफेर करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु को उसके द्वारा दान की गयी राशि की रसीद दी जाएगी और चढ़ावे में आने वाली राशि का प्रतिदिन का पूरा हिसाब रखा जाएगा। दान राशि और चढ़ावे का उपयोग जनहित में किया जाएगा। मंदिर में चढ़ाए गए नारियल, प्रसाद और फूल को भी दोबारा नहीं चढ़ाया जा सकेगा। अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी विवाद पर श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि चंपतराय को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। चंपत राय का चरित्र निष्कलंक है और उन पर लगाए जा रहे आरोपों पर विश्वास नहीं किया जा सकता। जब तक उन पर लगे आरोप सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक उन्हें दोषी मानना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही सब कुछ साफ हो जाएगा।
