
शिवराज यादव / हरिद्वार। जनपद को नशा मुक्त बनाने तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए नशा मुक्त अभियान को प्रभावी ढंग से सफल बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें। जनपद में कहीं भी प्रतिबंधित तंबाकू एवं नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नियमित रूप से अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार ने जिला कार्यालय सभागार में आयोजित नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म (NCORD) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए। बैठक में जनपद को नशा मुक्त बनाने, प्रतिबंधित तम्बाकू, गुटका एवं नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की गिरफ्त से बचाने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।
अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों का संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय से संयुक्त निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं निर्धारित मानकों का जायजा लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जनपद के सभी विद्यालयों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही छात्र-छात्राओं के बीच नशा मुक्ति विषय पर निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित कर उन्हें जागरूक करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ अभियान को जनसहभागिता के साथ प्रभावी बनाया जाए, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखकर स्वस्थ एवं नशा मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।
बैठक में डिप्टी जेलर प्रमोद भानु, पुलिस उपाध्यक्ष संजय चौहान, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गणेश, सहायक कृषि अधिकारी उत्तम सिंह चौहान, डीसी हेल्थ रोहित यादव डी.सी. जीएसटी एवं सेवा कर दीपक कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, एसीएमओ डॉ. नमिता पंत, इंस्पेक्टर एएनटीफ शांति कुमार आदि उपस्थित रहे।
