
शिवराज यादव / हरिद्वार। कनखल स्थित निर्मल संतपुरा में महापुरुषों की स्मृति में 23वां आत्मरस कीर्तन दरबार एवं संत समागम आयोजित किया गया। दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हजारों की संख्या में संगत ने उपस्थित होकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का आशीर्वाद लिया। शनिवार देर शाम गुरुद्वारे में रागी जत्थो हजूरी रागी दरबार साहिब से भाई रविंद्र सिंह रियाज, पोंटा साहिब से भाई जसबीर सिंह, बाबा चमकौर सिंह लोहगढ़ ने शब्द कीर्तन से संगत को निहाल किया। रविवार को स्त्री सत्संग में बीबी निरंजन कौर, श्री सुखमणि साहिब सेवा की बीबी निरंजन कौर, बीबी सुखविंदर कौर ने सत्संग के माध्यम से संगत को कथा और कीर्तन सुनाया।
इस अवसर पर निर्मल संतपुरा के परमाध्यक्ष संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि जो पूरी श्रद्धा से गुरु सेवा करता है परमात्मा उसे कभी दुख नहीं देते। अपने महापुरुषों, माता पिता की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्संग में जाने से मन शीतल होता है।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, बाबा मोहन सिंह, बाबा तीरथ सिंह, स्वामी गंगादास, स्वामी दिनेश दास, स्वामी प्रहलाद दास, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी राम मुनि, स्वामी योगेन्द्रानंद, स्वामी केशवानंद, संत तरलोचन सिंह, संत मनजीत सिंह, संत बलजिंदर सिंह शास्त्री, बाबा विक्रमजीत सिंह, बाबा मंजीत सिंह, सरबजीत कौर, सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
