
शिवराज यादव / हरिद्वार। ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत हरिद्वार पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से तीन महीने से लापता 14 वर्षीय आठवीं कक्षा के छात्र को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हर की पौड़ी क्षेत्र से अत्यंत दयनीय अवस्था में मिले छात्र को आवश्यक विधिक कार्रवाई और काउंसलिंग के बाद बाल कल्याण समिति हरिद्वार के आदेशानुसार उसके पिता को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ निवासी उदयपाल यादव का 14 वर्षीय इकलौता पुत्र ऋतिक 30 जून 2026 को विद्यालय जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने थाना जामुल, दुर्ग-भिलाई में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजनों ने छात्र की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए। पिता उदयपाल यादव ने बेटे की तलाश में करीब तीन महीने तक अपनी नौकरी तक नहीं की और लगातार उसके बारे में जानकारी जुटाते रहे। इसी बीच 3 अक्टूबर 2026 को AHTU हरिद्वार को छात्र ऋतिक के हर की पौड़ी क्षेत्र में मिलने की जानकारी मिली। AHTU टीम ने छात्र को रेस्क्यू कर उसके परिजनों से संपर्क किया। पूछताछ में सामने आया कि छात्र करीब चार दिन पूर्व ट्रेन के माध्यम से छत्तीसगढ़ से लखनऊ, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब होते हुए हरिद्वार पहुंचा था। हर की पौड़ी क्षेत्र में वह अत्यंत दयनीय अवस्था में मिला, जिसके बाद पुलिस टीम ने उसे सुरक्षित संरक्षण में लिया। हरिद्वार पहुंचने की सूचना मिलने पर छात्र के पिता तत्काल अपने पुत्र को लेने के लिए रवाना हुए। आवश्यक विधिक प्रक्रिया एवं काउंसलिंग के बाद बाल कल्याण समिति हरिद्वार के आदेशानुसार छात्र ऋतिक को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। तीन महीने बाद अपने इकलौते बेटे को सकुशल पाकर पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस टीम को धन्यवाद दिया। छात्र को सकुशल उसके परिजनों तक पहुंचाने में AHTU हरिद्वार की उपनिरीक्षक राखी रावत, हेडकांस्टेबल राकेश कुमार, हेडकांस्टेबल बिना गोदियाल, कांस्टेबल मुकेश कुमार, कांस्टेबल दीपक चन्द और कांस्टेबल दीपक डबराल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
