
राजकुमार / हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के “04 साल बेमिसाल” कार्यक्रम के दूसरे दिन हरिद्वार के बैरागी कैंप में लगाई गई विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी छात्र-छात्राओं और आमजन के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। प्रदर्शनी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिनमें विभिन्न विद्यालयों के 754 छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे।
प्रदर्शनी में विशेष रूप से आयुष विभाग का स्टॉल लोगों को काफी आकर्षित करता रहा। शनिवार को कार्यक्रम के पहले दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी विभिन्न विभागों के स्टॉल के साथ आयुष विभाग के स्टॉल का अवलोकन किया था। स्टॉल का प्रतिनिधित्व अपर सचिव आयुष डॉ. विजय कैलाश जोगदंडे और संयुक्त निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह द्वारा किया गया।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. स्वास्तिक जैन ने बताया कि स्टॉल पर आयुष विभाग की उपलब्धियों और सेवाओं को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया। इसमें आयुष अस्पतालों की ओपीडी-आईपीडी सेवाओं, पंचकर्म चिकित्सा, आयुर्वेद-यूनानी-होम्योपैथी शिक्षा, जन स्वास्थ्य योजनाओं और टेलीमेडिसिन सेवा ई-संजीवनी के बारे में जानकारी दी गई।
स्टॉल पर लाइव योग प्रदर्शन भी आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने स्वयं भाग लेकर योग के लाभों का अनुभव किया। इसके अलावा औषधीय पौधों की प्रदर्शनी और प्रकृति परीक्षण कियोस्क भी खास आकर्षण का केंद्र रहा, जहां लोगों ने अपनी प्रकृति जांच करवाई। आयुष विभाग की अनुसंधान आधारित आयुर्वेदिक पत्रिकाओं और अन्य प्रकाशनों का भी प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनी के जरिए दिख रही विकास गाथा…
बैरागी कैंप में लगी प्रदर्शनी में राज्य सरकार के पिछले चार वर्षों के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को दर्शाया गया है। इसमें सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, निवेश, पर्यटन विकास, धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।
नई न्याय संहिताओं पर भी लगी राज्यस्तरीय प्रदर्शनी…
कार्यक्रम स्थल पर नूतन न्याय संहिता विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसे आमजन और छात्र-छात्राओं ने काफी सराहा। इस प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं को सरल और इंटरैक्टिव माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
प्रदर्शनी का उद्देश्य आम नागरिकों, अधिवक्ताओं, पुलिस और अन्य हितधारकों को आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली से अवगत कराना है। यह प्रदर्शनी 09 मार्च तक जारी रहेगी।
