
राजकुमार / हरिद्वार। जनपद में एलपीजी गैस सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति एवं उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसको लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने रविवार को आपदा कंट्रोल रूम में संबंधित अधिकारियों एवं गैस एजेंसियों के विक्रय अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक कर जनपद में गैस आपूर्ति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जनपद में एलपीजी गैस की कमी नहीं है सभी एजेंसियों में सभी उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस उपलब्ध कराई जा रही है, उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सिस्टम से भी अब एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग की जा रही है तथा वर्तमान समय में स्थिति सामान्य है तथा उपभोक्ताओं को उनके द्वारा की जा रही बुकिंग के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की गैस एजेंसियों में जो लाइन लग रही है, उसमें से अधिकांश उपभोक्ताओं द्वारा केवाईसी नहीं कराई गयी है, जिस कारण उपभोक्ताओं की एलपीजी गैस बुक नहीं हो पा रही है,जिस कारण गैस एजेंसियों में उपभोक्ताओं की लाइन लग रही है।
बैठक में जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विक्रय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति नियमित और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जाए इसमें किसी भी प्रकार से कोई लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं द्वारा जो भी गैस की बुकिंग की जा रही है एवं उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से ही गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जाए, जिससे कि उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी में अनावश्यक रूप से लाइन में ना लगना पड़े तथा सभी उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाए। उन्होंने बैक लॉक को प्रथमिता से निस्तारण करने के निर्देश दिए, उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एलपीजी गैस सिलेंडर की किसी भी तरह से कोई अवैध भंडारण, कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग न हो यदि कोई भी एजेंसी एवं व्यक्ति ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को यह भी निर्देश दिए कि जिन उपभोक्ताओं द्वारा केवाईसी नहीं की गई है उनके केवाईसी के लिए अलग काउंटर खोलने के तथा उपभोक्ताओं को ऑनलाइन केवाईसी के लिए भी प्रेरित करते हुए उपभोक्ताओं को जागरूक करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के चिकित्सालयों, शिक्षण संस्थानों एवं आश्रमों में प्राथमिकता से एलपीजी गैस उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने सभी उपजिलाधिकारी, नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी समय-समय पर गैस एजेंसियों का निरीक्षण करें तथा किसी भी तरह से एलपीजी गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं अवैध रिफिलिंग न हो इस पर निगरानी रखते हुए छापेमारी की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए तथा ऐसे करने वाले के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। उन्होंने उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति के संबंध में भी संयम बरतने को कहा तथा वर्तमान समय में स्थिति सामान्य हो रही है किसी उपभोक्ता को घबराने की जरूरत नहीं है तथा उनके द्वारा कि गई बुकिंग के आधार पर ही गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में प्राप्त हो रही शिकायतों की भी समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम में जो भी शिकायत प्राप्त हो रही है, उन शिकायतों का तत्परता से निस्तारण करना सुनाश्चित करें तथा शिकायतकर्ता से भी दर्ज की गई शिकायत के संबंध में वार्ता करने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, पुलिस अधीक्षक क्राइम निशा यादव, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी मीरा रावत, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, डीएनओ मयंक कुमार, गैस एजेंसी के विक्रय अधिकारी अश्वनी कुमार, सुनील सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
