
राजकुमार / उत्तराखण्ड / देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बच्चों में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जागृत करने के उद्देश्य से मंगलवार को शैल कला एंव ग्रामीण विकास समिति, और हिल्स क्राउन एकेडमी के सयुंक्त तत्वधान में एक दिवसीय आनंदशाला शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बच्चों को तिरंगा बनाने की विधि के साथ-साथ भारतीय ध्वज के महत्व की जानकारी दी गई।
शिविर में कला विशेषज्ञ श्रीमती ज्योति जौहर ने बच्चों को विभिन्न तरीकों से तिरंगा बनाने की विधि समझाई। इस दौरान बच्चों को तिरंगे के तीनों रंगों और अशोक चक्र के महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. आर. एस. राठी ने सभी अतिथियों एवं आयोजकों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के रचनात्मक कार्यक्रम बच्चों के भीतर राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करते हैं।
समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. स्वामी एस. चंद्रा ने भारतीय तिरंगे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। बच्चों को छोटी उम्र से ही राष्ट्र के प्रतीकों और उनके महत्व से परिचित कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने अपनी कल्पनाशीलता और कला-कौशल का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक तिरंगे बनाए। आयोजन ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को रचनात्मक और देशभक्ति के वातावरण से जोड़ दिया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार से शुभम् राठी, काजल राठी, शिक्षक पूनम भट्ट, रुखसार अहमद, सोमिया परासर, महजफी अहमद, काजल चौहान, निगार परवीन, मनीषा बहुगुणा, लाइबा नूर, शांति भट्ट, फरहा, विनीता कैतुरा, आरती, राखी, जोया, दिनेश्वरी राठी, सुरभि भट्ट एवं मंजू कन्याल उपस्थित रहीं।
