
विधानसभा चुनाव : हैट्रिक के लिए तैयार भाजपा, सीएम का चेहरा होंगे पुष्कर सिंह धामी।
राजकुमार / उत्तराखण्ड। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर मुख्यमंत्री पद पर सबसे ज्यादा दिनों तक जनसेवक के रूप मे रचनात्मक कार्य करने वाले राज्य के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। वह राज्य के एक मात्र सेवक हैं जिन्होंने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री की शपथ लेकर पद को सुशोभित किया। बात करें तो धामी ने राजनीती के वैज्ञानिक अरस्तु को भी पीछे छोड़ दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 01 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। राजनितिक चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “सीमा पर बसा हर गाँव देश का प्रथम गाँव” और प्रथम रक्षक है के कथन की देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी सराहना की गयी।
पीएम की प्रशंसा के बाद पुष्कर सिंह धामी ने मानव कल्याण और अच्छे समाज का निर्माण का संकल्प लिया और विकास कार्यों को गति दी। इसी बीच राज्य में 2022 के विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया। पुष्कर सिंह के नेतृत्व में लड़े गए चुनाव मे भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया। परन्तु धामी यह चुनाव हार गए, लेकिन केन्द्रीय नेतृत्व प्रधानमंत्री, ग्रहमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर स्थानीय भाजपा विधायकों द्वार इनकी कार्यकुशलता को दृष्टिगत रखते हुए इन्हें नेता सदन चुना गया। बाद में उपचुनाव के माध्यम से वह उत्तराखंड विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। पुष्कर सिंह धामी राज्य के एक मात्र मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभाला और संभावना प्रबल है कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव का चेहरा भी पुष्कर सिंह धामी होंगे।
पुष्कर सिंह धामी ने पहाड़ी राज्य में पर्यटन, तीर्थाटन, यूसीसी कानून, औद्योगिक विकास, पहाड़ों से पलायन रोकने के अलावा भ्रष्टाचार पर रोक, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों का निस्तारण, सेवा का अधिकार, ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शिता और जनता दरबार में समस्याओं का त्वरित निस्तारण जैसे कार्यों से राज्य की जनता का मन मोह लिया।
