
शिवराज यादव / हरिद्वार। आपदा प्रबन्धन पूर्व तैयारी के दृष्टिगत अपरजिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता द्वारा मानसून सत्र से पूर्व आपदा न्यूनीकरण एवं नान एसडीआरएफ के तहत समस्त कार्यदायी संस्थाये यथा लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग हरिद्वार/रूड़की, लघु सिंचाई, ग्रामीण निर्माण विभाग, पेयजल निगम समस्त विकासखण्ड के विभागाध्यक्ष/नोडल अधिकारी, आपदा प्रबन्धन अधिकारी के साथ जिला आपदा प्रबंधन सभागार में गूगल मीट के माध्यम से बैठक आहूत की गयी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी द्वारा विगत वर्ष आपदा न्यूनीकरण व नॉन एसडीआरएफ, अनटाईड फण्ड के तहत प्रस्तावित प्रस्ताव जो कि किन्ही अपरिहार्य कारण वश तत्समय स्वीकृत नहीं हो पाए पुनः परीक्षण कर वर्तमान में उन्हें अपडेट कर अति आवश्यक कार्यों को वरीयता अनुसार एक सप्ताह में जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण को नियमानुसार उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए गये। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान को न्यून करने एवं जानमाल की क्षति को कम करने हेतु प्रस्तावित प्रस्ताव/आगणन को टुकडों मे विभाजित ना किया जाए एवं प्रस्ताव/आगणन शासन द्वारा जारी गाइडलाइन अनुसार समुचित रूप से प्रेषित किए जाए इसलिए आवश्यकता है, न्यूनीकरण/नॉन एसडीआरएफ/एसडीआरएफ/अनटाईड फण्ड समस्त गाइडलाइन का भली भांति अध्ययन कर लें तथा उक्त गाइडलाइन के सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत ही प्रस्ताव/आगणन यथा समय भेज दे ताकि मानसून से पूर्व आपदा न्यूनीकरण कार्यों को ससमय सम्पादित किया जा सके।
इसके अतिरिक्त मानसून से पूर्व उन्होंने समस्त स्थानीय निकायों, नगरनिगम हरिद्वार/रूड़की, विकासखण्ड एवं लोक निर्माण विभाग को उनके क्षेत्रान्तर्गत समस्त छोटे-बड़े नालों, कलवर्ट आदि को पूर्ण विधिवत सफाई करते हुए 30 मई तक इस आशय का प्रमाण पत्र आपदा प्रबन्धन को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आपदा प्रबन्धन अधिकारी से कन्ट्रोल रूम के माध्यम से समस्त विकास खण्ड एवं स्थानीय निकायों के क्षेत्रान्तर्गत नालों को साफ-सफाई, जलभराव हेतु संवेदनशील स्थल एवं पानी की त्वरित निकासी हेतु उपलब्ध पम्पसेट आदि संसाधन का विवरण प्रस्तुत किया। अपर जिलाधिकारी ने आपदा की संवेदनशीलता के दृष्टिगत उपलब्ध समस्त संसाधन उपकरण आदि को परीक्षण किये जाने, मरम्मत उपयोग तथा आवश्यक खोज एवं बचाव उपकरण, सामग्री आदि की माँग तहसील के माध्यम से यथाशीघ्र उपलब्ध कराये जाने हेतु निर्देशित किया।
उन्होंने आपदा प्रबन्धन अधिकारी से नगर निगम हरिद्वार एवं रुड़की में कन्ट्रोल रूम को सक्रिय किये जाने व जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र से समुचित समन्वय किये जाने के साथ ही आपदा प्रबन्धन कार्ययोजना तैयार कर आपदा प्रबन्धन कार्यालय को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभाग व स्थानीय निकायों को नालों की साफ-सफाई की दैनिक लिखित रिपोर्ट सायं 4:00 बजे तक आपदा प्रबन्धन कार्यालय को अनिवार्य रूप से प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त वर्तमान आंधी-तूफान के दृष्टिगत सड़क मार्ग व आवसीय कालानियों/बस्ती आदि में जर्जर पेडों के समूल-उन्मूलन व वृक्षों के लॉंपिंग समयान्तर्गत करने के निर्देश भी दिए।
