
शिवराज यादव / हरिद्वार। बैसाखी पर्व पर गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजाकर खालसा सृजन दिवस मनाया गया। भेल सेक्टर -02 स्थित गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा, गोल गुरुद्वारा, सिंह सभा गुरुद्वारा ज्वालापुर, सिंह सभा गुरुद्वारा दिनारपुर आदि गुरुद्वारे में संगत ने पहुंचकर शब्द कीर्तन सुना और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे माथा टेका। तीन दिन से शुरू हुए अखंड पाठ का समापन कर सृजन दिवस मनाया गया।
इस दौरान कथावाचकों और रागी जत्थों ने सृजना दिवस पर कथा सुनाते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने बैसाखी वाले दिन खालसा की स्थापना कर देश और कौम को जुल्म के खिलाफ लड़ने का संदेश दिया। खालसा आस्था का प्रतीक है। इसमें कमजोरों, पीड़ितों की रक्षा, जुल्म का विरोध शामिल है। भेल स्थित गुरुद्वारे में भाई मोहर सिंह जबदी टकसाल वाले, भाई मनोज सिंह, भाई संजय सिंह और स्थानीय महिलाओं ने शब्द कीर्तन सुनाकर संगत को निहाल किया। बैसाखी पर किसान की पकी हुई गेहूं की फसल को काटा जाता है।
ग्राम दिनारपुर स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में बैसाखी पर्व सृजन दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर प्रधान कुलबीर सिंह, गुरचरण सिंह, गुरलाल सिंह, हरविंदर सिंह, अमरदीप अरोड़ा, उज्जल सिंह सेठी, निर्मल सिंह, जगदीप सिंह सोनी, सतेंद्र सिंह, मंदीप सिंह, गुरबाज सिंह, सरदारा सिंह, हरभजन सिंह, राजेंद्र सिंह, गुरतेज सिंह, गगनदीप सिंह, लवप्रीत सिंह, हरमोहन सिंह आदि उपस्थित थे।
